जोधपुर। जन्माष्टमी के दिन ही गुरांे का तालाब गोकुल विहार स्थित कृष्णाश्रय में भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप के अलौकिक दर्शन आमजन को देखने को मि...
जोधपुर। जन्माष्टमी के दिन ही गुरांे का तालाब गोकुल विहार स्थित कृष्णाश्रय में भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप के अलौकिक दर्शन आमजन को देखने को मिलता है। वर्ष 2003 में कृष्णाश्रय बनने के मुर्हत पर बालसंत गोवत्स राधाकृष्णजी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की सफेद रंग की मूर्ति (स्वरूप) पुष्पा सुरेश मंत्री को भेंट की। उनकी ही प्रेरणा से पिछले 21 वर्षो से निरन्तर जन्माष्टमी पर्व उत्सव के रूप में धूमधाम से मनाया जाता है। आज जन्माष्टमी के दिन 1100 नारियल (श्रीफल) से विशेष श्रृंगार किया गया। शाम को 7 बजे से देर रात्री तक हजारों भक्तजन अद्भूत श्रृंगार के दर्शन किये।
सुरेश मंत्री ने बताया कि कृष्णाश्रय में विराजीत ठाकुरजी के विग्रह का जन्माष्टमी के दिन मनमोहक दर्शन देखने को मिलते है। यह उत्सव तीन दिन चलता है व उत्सव में शहर के महान संत शान्तेश्वरजी, अंचलानन्द गिरीजी, महंत रामप्रसादजी, खेडापा के पुषोत्तमदासजी, गोविन्दरामजी, गोवत्स राधाकृष्णजी महाराज एवं कथावाचक ताराबाई सहित कई महान संत कृष्णाश्रय पधारकर आर्शीवाद प्रदान करते है। पुष्पा मंत्री ने बताया कि जन्माष्टमी से 10 दिन पहले पुरा परिवार उत्सव की तैयारी में लग जाता है और अपने हाथों से ठाकुरजी का विशेष श्रृंगार व सजावट करते है। नारियल का विशेष श्रृंगार व सजावट अनिल मंत्री, रवि टिनू मंत्री, राहुल लोहिया, सुमन, दीपिका, प्रियांशी, माधव, छवि, चमन मंत्री द्वारा की गई।
पिछले अलग अलग वर्षो में द्वारिकापुरी, यमुना नदी में विराजित कृष्ण, चाॅद में झूलते ठाकुरजी, मोरपंख, मोली, कमल पुष्प व हरियाले पुष्प पत्तों से विशेष श्रंृगार किया गया। जिसको देख कर भक्तजन सालों साल याद रखते है एवं दर्शन की छवि उनके हदय को छु जाती है। पूरा परिवार भगवान कृष्णराधा का भक्त है।
