गोरख कुमार राय कुशीनगर । 27 जुलाई को सावन का चौथा सोमवार है। इसके साथ ही मासिक दुर्गाष्टमी भी है। गौरतलब है कि प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्...
गोरख कुमार राय
कुशीनगर । 27 जुलाई को सावन का चौथा सोमवार है। इसके साथ ही मासिक दुर्गाष्टमी भी है। गौरतलब है कि प्रत्येक महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को दुर्गाष्टमी मनाई जाती है। इस दिन मां दुर्गा की पूजा फलदायी होती है। दुर्गाजी की प्रसन्नता से हमें जीवन के हर संकट से मुक्ति मिलती है। दुर्गाष्टमी पर श्री दुर्गा बत्तीस नामावली का जाप करने पर हर मुराद पूरी होती है। खास बात यह है कि इसका फल भी जल्द मिलता है। दुर्गा सप्तशती में इस बात का उल्लेख है कि मां भगवती ने ही अपने बत्तीस नामों का चमत्कारी जप का महत्व बताया था।
ज्योतिषाचार रविन्द्र पती तिवारी’ बताते हैं कि सुबह स्नान करने के बाद पूजाघर में पूर्व या उत्तर की तरफ मुंह करके शुदृध घी का दीपक जलाकर मां दुर्गा की तस्वीर के सामने दुर्गाद्वात्रिशनाममाला का पाठ करें। कम से कम एक माला पाठ करें। इसके बाद मां दुर्गा से अपनी मनोकामना पूर्ण करने या समस्या के समाधान करने की याचना करें। इस नाम स्त्रोत का प्रभाव जल्द ही दिखाई देने लगता है। यह स्वतरू सिद्ध मंत्र है। इसलिए इस स्त्रोत को न सिद्ध करने की आवश्यक्ता है न स्थान शुद्धि की और न किसी विशेष विधान की।
ज्योतिषाचार्य रबिन्दर पती तिवारी के अनुसार इस नामवाली का जाप सभी प्रकार के कष्टों से मुक्ति दिलाने वाला है। कोई अगर भीषण अग्नि के मध्य हो कर्ज से न निकल पा रहा हो गम्भीर रोग से ग्रस्त हो व्यापार आदि में लगातार नुकसान हो रहा हो किसी व्यसन से ग्रस्त हो कैद या बंदी हो किसी ऊपरी बाधा से परेशान हो शत्रुओं के मध्य फंस गया हो तो दुर्गाद्वात्रिशनाममाला का पाठ तत्काल राहत दे सकता है।
