शहर में बढ़ते अवैध ठेलों और अतिक्रमण पर उठे सवाल! “वाहनों के चालान तुरंत, लेकिन सड़क घेरने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?” जोधपुर। 10 मई। शहर...
“वाहनों के चालान तुरंत, लेकिन सड़क घेरने वालों पर कार्रवाई क्यों नहीं?”
जोधपुर। 10 मई। शहर में सड़कों, बाजारों और नालों पर बढ़ते अवैध ठेलों एवं अतिक्रमण को लेकर शहरवासियो में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। नागरिकों का कहना है कि मुख्य मार्गों, बाजारों और नो पार्किंग क्षेत्रों तक में सुबह से शाम तक ठेले खड़े रहने से यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आमजन को जाम जैसी भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
“कौन दे रहा संरक्षण?”
शहरवासियो ने सवाल उठाया है कि आखिर किसकी अनुमति या संरक्षण से सार्वजनिक स्थानों, नालों और सड़क किनारों पर इस तरह कब्जे किए जा रहे हैं। लोगों का आरोप है कि कई स्थानों पर बिना किसी तय व्यवस्था के मनमर्जी से ठेले लगाए जा रहे हैं, जिससे जाम और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।
पहचान और सत्यापन की उठी मांग:::
शहरवासियो ने प्रशासन से मांग की है कि शहर में ठेले लगाने वालों का सत्यापन कराया जाए। लोगों का कहना है कि यह जांच होनी चाहिए कि ठेले लगाने वाले स्थानीय निवासी हैं या बाहर से आकर यहां व्यवसाय कर रहे हैं। साथ ही उनके लाइसेंस, अनुमति और पहचान संबंधी दस्तावेजों की भी जांच की जानी चाहिए।
“वाहनों पर तुरंत चालान, लेकिन ठेलों पर कार्रवाई नहीं”
लोगों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति नो पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करता है तो यातायात पुलिस तुरंत ऑनलाइन और ऑफलाइन चालान जारी कर देती है, लेकिन सड़क और नो पार्किंग क्षेत्र घेरकर खड़े रहने वाले ठेलों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नजर नहीं आती। नागरिकों ने सवाल उठाया कि यदि नियम आम वाहन चालकों पर लागू होते हैं तो सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण करने वालों पर समान नियम क्यों लागू नहीं किए जाते।
संयुक्त अभियान चलाने की मांग:::
शहरवासियों ने नगर निगम, यातायात पुलिस और प्रशासन से संयुक्त अभियान चलाकर अवैध ठेले, कैबिन, अतिक्रमण हटाने, सत्यापन करने और नियमों के तहत व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि शहर में सुचारु यातायात, सफाई व्यवस्था और आमजन की सुविधा के लिए सभी पर समान नियम लागू होना जरूरी है।