बाड़मेर। मानव शरीर परमार्थ की प्राप्ति के लिए मिला है तन की सेवा से ही आचरण व मन शुद्ध रहता है यह उद्गार बाबा जयगुरुदेव आश्रम गांधीनगर मे...
बाड़मेर। मानव शरीर परमार्थ की प्राप्ति के लिए मिला है तन की सेवा से ही आचरण व मन शुद्ध रहता है यह उद्गार बाबा जयगुरुदेव आश्रम गांधीनगर में संगत के संभागीय अध्यक्ष आईदानसिंह सांखला ने व्यक्त किये। सांखला ने कहा कि आने वाले खराब समय में बचाव हेतु शराब और नशे का त्याग कर शाकाहार अपनाने की जरूरत है इस अवसर पर बाबा जयगुरुदेव संगत बाड़मेर के जिलाध्यक्ष खीयाराम चौधरी ने कहा कि नशे पर अंकुश वर्तमान की जरूरत है मानवीय मूल्यों के संरक्षण हेतु पारिवारिक संस्कार व शुद्ध खान-पान आवश्यक है संगत की जिला स्तरीय बैठक में आगामी संत उमाकांत जी महाराज के आव्हान पर जिले भर में नशामुक्ति, शाकाहार व जयगुरुदेव नामध्वनी कार्यक्रम आयोजन को लेकर समितियां का गठन कर जिम्मेदारी तय की गई। साथ ही बैठक में संगत द्वारा बाड़मेर आश्रम मुख्यालय पर अनवरत चल रहे उदरपूर्ति अभियान निशुल्क भोजन भंडारा, साधन-भजन व संगत के कार्यों पर चर्चा कर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
